खबर मध्यप्रदेश डेस्क – बिस्किट बनाने वाली प्रसिद्ध ब्रांड ‘प्रियागोल्ड’ कंपनी के खिलाफ FSSAI ने बड़ा कानूनी कार्यवाही किया है। FSSAI के निरीक्षण के दौरान कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में कई बड़ी गड़बड़ियां पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने कंपनी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
FSSAI के निरीक्षण में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह था बिस्कुट में फाइबर का स्रोत बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा ‘चोकर’ । जांच में पाया गया कि जिस चोकर का इस्तेमाल बिस्कुट बनाने के कच्चे माल के रूप में हो रहा था, वह इंसानों के खाने योग्य था ही नहीं। वह मवेशियों और पशुओं के चारे के लिए तैयार किया गया था।
इसके अलावा भी निरीक्षण टीम को फैक्ट्री में चोकर से भरी जो बोरिया मिलीं, उन पर स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था कि यह सामग्री केवल पशु आहार के लिए है। इसके बावजूद कंपनी में जो बिस्किट इंसानों के लिए बनाए जा रहे थे उसमें धड़ल्ले से इस चारे का इस्तेमाल कर रही थी, जो लोगों की सेहत के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।
इसके अलावा भी सिर्फ खराब कच्चे माल का इस्तेमाल ही नहीं, बल्कि फैक्ट्री परिसर में स्वच्छता और रखरखाव की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। FSSAI ने जांच रिपोर्ट में कई अन्य गंभीर कमियों का उल्लेख किया है:-
- बिस्कुट बनाने वाले प्लांट की सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा था।
- कीड़े और चूहों को रोकने के लिए जरूरी पेस्ट कंट्रोल के इंतजाम नहीं थे।
- कच्चे माल को सही तरीके से स्टोर और अलग-अलग करके नहीं रखा गया था।
- फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत हाइजीन का स्तर बेहद खराब था।
- बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया के दौरान बीच में तैयार होने वाले मटीरियल को भी बिना किसी सुरक्षा और सफाई के रखा जा रहा था।
इन गंभीर लापरवाहियों और गैर-कानूनी गतिविधियों को देखते हुए FSSAI ने “प्रियागोल्ड” बिस्कुट बनाने वाली कंपनी “मेसर्स सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड Surya Food & Agro Ltd.)” के लाइसेंस को तुरंत निलंबित कर दिया है तथा कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।











