वित्तीय वर्ष 2026-27 के केन्द्रीय बजट पर सांसद ने दी अपनी प्रतिक्रिया
छिंदवाड़ा- वित्तीय वर्ष 2026-27 का केन्द्रीय बजट रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया। जिस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि केन्द्रीय बजट कर्तव्य भवन से प्रस्तुत किया जाने वाला पहला मोदी सरकार की उस स्पश्ट दृश्टि से प्रेरित है जिसमें दुविधा के स्थान पर निर्णय,शब्दाडंबर के स्थान पर सुधार तथा लोकलुभावन के स्थान पर जन कल्याण को प्रधानता दी गई है। आत्मनिर्भरता को धुव्र तारा मानते हुए यह बजट संरचनात्मक सुधारों,राजकोषीय संयम और सतत लोक निवेश पर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि यह केन्द्रीय बजट विकसित और आत्मनिर्भर भारत को बल देगा।
सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि तेज विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ का पूंजी निवेश ये बताता है कि मोदी सरकार विकसित भारत 2047 के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्हाेंने कहा कि रोगियों विशेषकर कैंसर से पीड़ित व्यक्तियों को राहत देते हुए 17 औशधियों पर मूल सीमा शुल्क से छूट तथा सात अतिरिक्त दुर्लभ रोगों के लिए व्यक्तिगत औशधियों आयात पर शुल्क छूट विस्तार का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश की युवा शक्ति के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व को भली भांति समझती है। इस बजट में राश्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं खाद्य प्रौद्योगिक की परिशद का उन्नयन कर राश्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना का प्रावधान किया गया है जिससे शिक्षा जगत,उद्योग तथा सरकार के बीच प्रभावी सेतु स्थापित हो सके। बजट में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिक संस्थान मुंबई के सहयोग से देशभर में 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एव्हीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का प्रावधान है।
सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि बजट में सूक्ष्म,लघु और माध्यम उद्यमों के विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए है। इनके इक्विटी सहायता के लिए बजट में 10 हजार करोड़ के समर्पित एस.एम.ई वृध्दि कोश का प्रावधान किया गया है तथा सूक्ष्म उद्यमों को निरंतर सहायता देने हेतु स्वावलंबी भारत कोश में 2 हजार करोड़ की अतिरिक्त पूंजी का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां पूर्ववर्ती सरकारों ने आधारभूत संरचना विकास की उपेक्षा की वहीं मोदी सरकार ने सतत पूंजी निवेश के माध्यम से विकसित भारत की सुदृढ़ नींव रखी है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2014-15 के दो लाख करोड़ से बढ़ाकर 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ हो गया है। और अब इसे 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया जायेगा।
सांसद साहू ने कहा कि मोदी सरकार ने सदैव भारत के गांवों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है बजट में महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार पहल का प्रावधान किया गया है। जिसके माध्यम से खादी,हथकरघा और हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार से जोड़ने,ब्रांड निर्माण,सुव्यवस्थित प्रशिक्षण,कौशल विकास, प्रक्रिया गुणवत्ता तथा उत्पादन में सुधार के द्वारा सुदृढ़ किया जायेगा। इससे बुनकरों,ग्रामोद्योगों,एक जिला एक उत्पाद तथा ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि तिलहनों में आत्मनिर्भरता हेतु मोदी सरकार सरसों,मूंगफली,तिल,सोयाबीन और सूर्यमुखी के लिए तिलहन समूहों के विकास में राज्यों को सहायता प्रदान करेगी। मत्स्य क्षेत्र के लिए बजट में 500 जलाशयों तथा अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास और तटीय क्षेत्रों में मूल श्रृंखला सुदृढ़ करने का प्रावधान है।
सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि इस बजट में भारत की विकास यात्रा में नारी के नेतृत्व को बल दिया गया है। जिसके तहत लखपति दीदी कार्यक्रम की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए सरकार महिलाओं को ऋण-संबध्द आजीविकाओं में ओग बढ़कर उद्यम स्वामित्व की दिशा में सक्षम करेगी। इस उद्येश्य से समूह स्तरीय महासंघों के माध्यम से समुदाय स्वामित्व वाले शी-मार्ट स्थापित किए जायेंगे। उच्च शिक्षा में दीर्घ अध्ययन तथा प्रयोगशाला कार्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार व्यवहार्ता अंतराल वित्तपोशण तथा पूंजी सहायता प्रदान कर प्रत्येक जिले में एक कन्या छात्रावास की स्थापना करेगी ताकि उच्च शिक्षा हेतु सुरक्षित और सहायक आवास व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।







