छिंदवाड़ा- लाल टमाटर का इस्तेमाल पूरी दुनिया मे होता है लेकिन क्या आपने कभी काले टमाटर का इस्तेमाल किया है ?
मध्य प्रदेश के बैतूल में अनिल वर्मा जो कि एक किसान है उन्होंने काले टमाटर की खेती की है। ऐसे नए तरह की खेती कर अनिल वर्मा ने कृषि विशेषज्ञों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। उन्होंने बताया कि यह टमाटर गहरा बैगनी रंग का होता है जो कि लगभग काला दिखाई देता है। इसके पोषण और औषधीय गुणों के कारण इसे सुपर फूड के श्रेणी में रखा गया है । इसमें कई औषधीय गुण है जो कि कई तरह की बीमारियों से बचाव करते हैं।
अनिल वर्मा का कहना है कि बहरीन के एक रिसर्च पेपर में उन्होंने काले टमाटर के बारे में और इसके औषधीय गुणों के बारे में पढ़ा था ।

काले टमाटर में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण सामान्य टमाटर से कहीं ज्यादा होता है। सेहत के लिए काला टमाटर बहुत फायदेमंद है। कैंसर से लेकर डायबिटीज तक के बचाव में इसे कारगर माना गया है।
इसके नियमित सेवन से ब्लड शुगर कंट्रोल , हार्ट अटैक का जोखिम कम हो सकता है और आंखों की रोशनी में सुधार जैसे कई फायदे हो सकते हैं। इसे वजन घटाने और त्वचा को चमकदार बनाने में भी कारगर माना गया है ।

अनिल वर्मा ने बताया कि फिलहाल भारत में काला टमाटर के बीज आसानी से उपलब्ध नहीं है उन्होंने इस टमाटर के बीज विदेश से मंगवाए हैं। 100 मिलीग्राम बीज के लिए उन्हें करीब ₹3000 तक खर्च करने पड़े जिसमें 60 से 70 बीज ही मिले है।काले टमाटर में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जिसमें विटामिन ए , सी तो पाया जाता ही है इसके अलावा फाइबर पाचन शक्ति को मजबूत करता है इसके अलावा आयरन और पोटेशियम जैसे खनिज भी इसमें पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है।







