छिंदवाड़ा- संत गजानन गुणगान मंडल, सच्चिदानंद सेवा समिति, समग्र मराठी समाज एवं जय जय रघुवीर समर्थ मंडल द्वारा आयोजित दिंडी यात्रा में हजारों की संख्या में भक्तों का सैलाब उमड़ा।

दिंडी यात्रा के संयोजक आनंद बक्षी ने बताया कि श्री शिरडी साईं मंदिर से पारंपरिक दिंडियाँ, महिला मंडल, भजन मंडल तथा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में दिंडी यात्रा का शुभारंभ हुआ। महामंडलेश्वर दादू महाराज, महामंडलेश्वर नागेंद्र ब्रह्मचारी , हरिभक्त परायण चिंतामण गुरवे , ह.भ.प. नारायण शिंदे, कार्यक्रम अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे एवं अजय चोरे के सानिध्य में नृत्य करती हुई दिंडियाँ “विठ्ठल-विठ्ठल” के जयघोष से गूंज उठीं।

धर्मप्रेमी भक्तों ने जगह-जगह स्वागत द्वार, रंगोली, आरती एवं आतिशबाजी के माध्यम से दिंडियों का पूजन-अर्चन किया। शिव गजानन मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में धर्मसभा को संबोधित करते हुए सांसद बंटी साहू ने आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर धर्मनगरी छिंदवाड़ा का अभिनंदन किया। उन्होंने अगले वर्ष तक श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु शेड निर्माण की घोषणा भी की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वनाथ ओकटे ने पारंपरिक दिंडियों की गौरवशाली परंपरा को संरक्षित रखने का संकल्प लिया। पूर्व विधायक विजय चोरे ने कहा कि आज छिंदवाड़ा पंढरपुर की भाँति पूर्णतः विठ्ठलमय दिखाई दे रहा है।
संतों के प्रवचनों की श्रृंखला में ह.भ.प. चिंतामण गुरवे ने भगवान विठ्ठल एवं भक्त पुंडलिक की कथा का विस्तृत वर्णन किया। महामंडलेश्वर नागेंद्र ब्रह्मचारी ने जनाबाई एवं भगवान विठ्ठल के मध्य भक्ति भाव का सुंदर निरूपण किया। वहीं महामंडलेश्वर दादू महाराज ने “रुद्राक्ष” विषय पर अद्भुत प्रवचन देते हुए बताया कि कौन-सा रुद्राक्ष कितना प्रभावशाली है, उससे कौन-कौन से कष्ट दूर होते हैं तथा असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान कैसे की जाए। पारंपरिक दिंडियों के साथ पधारे वारकरी समुदाय का संतों द्वारा वस्त्र एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में स्वर्गीय रामनाथ ओकटे द्वारा वारकरी संप्रदाय के लिए किए गए उल्लेखनीय योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में रमेश पोफली, महापौर विक्रम महाके, पूर्व महापौर कांता सदारंग, सौ. हंसा अंबरदड़े, सुनील भांगे, विभिन्न समाजों के जिलाध्यक्ष, पार्षदगण, सरिता चिंटू काले, जगेंद्र अलड़क, शिवानी सक्सेना, रोहित पोफली तथा अनेक पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

अंत में संजय औरंगाबादकर ने आभार व्यक्त करते हुए सभी के सहयोग की सराहना की तथा धन्यवाद ज्ञापित किया।







