छिंदवाड़ा- छिंदवाड़ा जिले भर में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर को मनाने की तैयारी की जा रही है।छिंदवाड़ा के कलेक्ट्रेट परिसर को भी स्थापना दिवस के कारण आकर्षक लाइटिंग से सजाने का काम चल रहा है। लेकिन इस दौरान कलेक्ट्रेट में एक बड़ा हादसा हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर में लाइटिंग लगाने का काम कर रहा एक मजदूर वहाँ तीसरी मंजिल के छज्जे से नीचे गिर गया।मजदूर लाइटिंग का काम अधिक ऊंचाई पर कर रहा था। इस हादसे में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिसर में मौजूद कर्मचारियों द्वारा तत्काल ही उसे शासकीय वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया ।
बताया जा रहा है कि काम के दौरान मजदूर के पास सुरक्षा के आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं थे। इसी बीच वह तीसरी मंजिल के छज्जे से नीचे गिर गया। ऊंचाई से गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं।

हादसे के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने घायल मजदूर की मदद के लिए तत्परता दिखाई। कर्मचारियों ने बिना देर किए शासकीय वाहन की मदद से घायल मजदूर को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसे उपचार के लिए ले जाया गया। मजदूर की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और हादसे के बाद उसके उपचार की जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।
अब सवाल ये उठता है कि कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण शासकीय परिसर में इस तरह का हादसा होना कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करता है। जब किसी मजदूर से तीसरी मंजिल या अन्य ऊंचाई पर काम कराया जाता है, तो उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करना बेहद जरूरी होता है। हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सुरक्षा रस्सी और अन्य जरूरी उपकरण ऊंचाई पर काम करने के दौरान गंभीर दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में सवाल यह है कि मजदूर को ऊंचाई पर काम करने के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं? क्या काम शुरू कराने से पहले सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया था? और क्या संबंधित ठेकेदार या जिम्मेदार एजेंसी द्वारा मजदूर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी?
फिलहाल, इस हादसे में घायल मजदूर की स्वास्थ्य स्थिति, दुर्घटना के सटीक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।











