छिंदवाड़ा – 17 सितम्बर 2025 /हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में साहित्य अकादमी,मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद,भोपाल के निदेशक विकास दवे के आमंत्रण पर हिन्दी दिवस के उपलक्ष में दो दिवसीय वरिष्ठ साहित्यकार कुंभ का आयोजन रविन्द्र समागम केंद्र,भोपाल की विविध दीर्घाओं में किया गया।जिसमें देश दुनिया लगभग सात सौ वरिष्ठ साहित्यकारों को आमंत्रित किया गया,जो मूलतः मध्यप्रदेश के ही निवासी रहे हैं और जिन्होंने हिन्दी भाषा सहित देश के विभिन्न अंचलों में बोले जाने वाली विभिन्न लोक बोलियों के उन्नयन,संरक्षण व संवर्धन हेतु सतत कार्य किया है।भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान शीर्षक से संबोधित इस गरिमामय साहित्यिक महाकुंभ में व्यापक विमर्श के माध्यम से भारतीय मातृभाषाओं के उन्नयन पर गहन विचार मंथन हुआ। दो दिनों में विविध विशिष्ट विषयों पर केंद्रित ग्यारह सत्रों में सुधिजनों ने अपने सारगर्भित विचार एवं सुझाव दिए।भारतीय सभ्यता,संस्कृति व अस्मिता के सूत्रों की पहचान,परख एवं पुरावैभव प्रतिष्ठा पर आयोजन में छिंदवाड़ा के वरिष्ठ साहित्यकार,रंगकर्मी व राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक विजय आनंद दुबे,राजमाता सिंधिया कन्या महाविद्यालय के प्राध्यापक व शोधकार्य मार्गदर्शक डाॅ.विजय कलमधार एवं प्रखर राष्ट्रवादी ओजस्वी कवि शशांक दुबे ने अपनी वैचारिक अभिव्यक्ति से सहभागी हिन्दी सेवियों को उत्प्रेरित किया।कार्यक्रम का समापन प्रदेश के माननीय मुख्य मंत्री डॉ.मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री माननीय धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी एवं मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री व छिन्दवाड़ा के प्रभारी मंत्री माननीय चौधरी राकेश सिंह ने अपनी विचाराभिव्यक्ति से मातृभाषा गौरव की अलख जगाई।







