छिंदवाड़ा – पानी का अकाल और नल में पानी की जगह जिस तरह से शराब बह रही है, संपूर्ण छिंदवाड़ा जिला आज नशे की चपेट में है, मध्यप्रदेश सरकार का मौन और प्रशासन की निरंकुशता जनता में आक्रोष पैदा कर रहा है, जिससे भविष्य में गांव-गांव में उग्र आंदोलन के साथ विधवंसक रूप में प्रदर्शन किया जाना तय है । गुलाबी गैंग की कमांडर पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि शराब बंदी को लेकर गांव-गांव निकलेगी शवयात्रा । इसके अलावा माचागोरा जलाशय के गेट खोले गये , जलाशय का स्तर लगातार कम होता देखने के बावजूद भी अन्य जिलेे सिवनी में स्थित संजय सरोबर (भीमगढ़ जलाशय) में पानी दिया गया ।गांव जलाकर शहर बसाने जैसा अन्यायपूर्ण क्रूरतम व्यवहार छिंदवाड़ा व चौरई की जनता के साथ किया गया । झूठी वाह-वाही लूटने के लियेे सांसद ने सैंकड़ों लोगों का जीवन दाव पर लगा दिया है । जमुनिया माइक्रो एरिगेशन से जिले के 27 गांव सिंचित होना है, यह कार्य आज भी पूरा नहीं हुआ है । पेंच माइक्रो 1 से 30 गांव सिंचित होना है किन्तु आज दिनांक तक यह कार्य भी पूर्ण नहीं हुआ जिसके चलते इन क्षेत्र के किसानों को परियोजना के लाभ से वंचित होना पड़ा । पेंच माईक्रो 2 का कार्य गतिहीन है जिसके चलते छिंदवाड़ा के अधिकांश ग्रामीण इलाके लाभांवित होने से वचित हैं । सांसद , मुख्यमंत्री मोहन यादव वोट लेकर अपने ही वादे भूल गये, सांसद व मुख्यमंत्री ने डूब प्रभावितों को चार गुना मुआवजा दिलवाने की घोषणा की थी पर आज दिनांक तक मुख्यमंत्री व सांसद ने अपने किये वादों की सुध नहीं ली बल्कि छिंदवाड़ा जिला इस दुर्भाग्य से जूझ रहा है कि आज जितना जल की समस्या से परेशान है, उससे ज्यादा हमारा जिला नशे और शराब की गर्त में हर रोज जा रहा है, लगातार नौजवानों की मौतें, शर्मसार कर देने वाली घटनायें बढ़ रही हैं, जिससे शासन-प्रशासन बेखबर मूक बधिर होने का प्रमाण दे रहा है । जब तक चौरई क्षेत्र और छिंदवाड़ा जिले की पेयजल की समस्या का निराकरण नहीं हो जाता, चौरई क्षेत्र में पेयजल के स्थायी स्त्रोत स्थापित नहीं हो पाते, नहर व पाईप से ग्रामीणों को पर्याप्त जल नहीं दे दिया जाता तब तक छोड़े गये पानी को पुनः कुछ समय के लिये गेट बंद किया जाना चाहिये ।
सिवनी जल संसाधन विभाग की लापरवाही का खामियाजा छिंदवाड़ा की जनता क्यों भुगतेगी, चौरई क्षेत्र में स्थायी जल स्त्रोत आज तक नहीं बनाये गये, कुछ अधूरे हैं तो कहीं अभी तक पानी नहीं पहुॅच पाया, अब तक कुण्डा से लगे 32 गांव आज भी पानी की भीषण समस्या से जूझ रहें हैं । चौरई मंे हर एक दिन की
आड़ में या 2 दिन में पानी दिया जा रहा है, माचागोरा जलाशय से 711 गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जानी है साथ ही निश्चित मात्रा का पानी संकट काल के लिये भी रखा जाना चाहिये वह भी माचागोरा जलाशय में रखा जाये । लेकिन वर्तमान में लगातार माचागोरा का जो जल स्तर घट रहा है, निश्चित रूप से 15 से 20 दिनों में चौरई क्षेत्र के साथ-साथ छिंदवाड़ा भी भीषण जल संकट की चपेट में होगा जो कि निश्चित रूप से चिंता का विषय है । अगर कुछ समय के लिये जलाशय के खोले गये गेट बंद नहीं किये गये तो क्षेत्रीय जनता विकट समस्या का सामना करेगी । इस जिले के मुखिया सांसद को जिम्मेदारी लेना चाहिये कि अपने जिले की जनता के साथ सौतेला व अन्याय पूर्ण व्यवहार न करे । माचागोरा और क्षेत्र के बिगड़ते हालात मौजूदा सरकार के द्वारा किये गये झूठे वादे, झूठी नीतियों की कलई खोल रहे हैं, जिसका जबाव भविष्य में यही जनता अपने निर्णय के माध्यम से देगी ।
गुलाबी चौरई व छिंदवाड़ा जिले की आवाम के साथ मध्यप्रदेश सरकार को आगाह करती है कि यदि चौरई की पेयजल की गंभी समस्या को ध्यान में रखकर पुनः खोले गये जलाशय के गेट बंद किये जायें, पर्याप्त जल स्त्रेात होने पर ही निकट के जिले सिवनी को आवंटित किया जाये अन्यथा चौरई, छिंदवाड़ा में उग्र आंदोलन किया जायेगा जिसकी संपूर्ण जबावदारी मध्यप्रदेश सरकार और शासन-प्रशासन की होगी ।

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