छिन्दवाड़ा- अब जिले के लोगों को रीढ़ या अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर जैसे बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं है।
जिले में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में क्लेरिस हॉस्पिटल ने एक बड़ी कामयाबी दर्ज की है। पहली बार है जब छिंदवाड़ा में इतनी जटिल रीढ़ की सर्जरी पूरी तरह सफल रही है। अमरवाड़ा निवासी भूमिका डेहरिया पिछले एक साल से रीढ़ की विकृति काइफोस्कोलियोसिस से पीड़ित थीं। इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी पीछे और साइड की ओर मुड़ जाती है, जिससे चलने, सांस लेने, शरीर का संतुलन और सामान्य जीवन अत्यधिक प्रभावित होता है।भूमिका को लगातार पीठ दर्द, थकावट, सांस लेने में तकलीफ और झुकाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
जब भूमिका क्लैरिस हॉस्पिटल आई , तब उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि तुरंत सर्जरी संभव नहीं थी। पहले चरण में हॉस्पिटल की जनरल मेडिसिन, न्यूट्रिशन और पल्मोनोलॉजी टीम ने मिलकर मरीज की स्थिति को स्थिर किया। इसके बाद, स्पाइन सर्जरी विभाग ने उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए सफल ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के बाद मरीज को विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी और पोषण सपोर्ट दिया गया। ROM एक्सरसाइज़, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पोश्चर करेक्शन के माध्यम से मरीज अब पूरी तरह सामान्य जीवन जीने में सक्षम हैं।


क्लैरिस हॉस्पिटल डायरेक्टर डॉ. मनन ने कहा: “यह सिर्फ एक सर्जरी नहीं, बल्कि छिंदवाड़ा की स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता का प्रमाण है। अब यहां के लोग भी जटिल स्पाइन सर्जरी जैसे इलाज के लिए बाहर नहीं जाएंगे। क्लारिस हॉस्पिटल में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद हैं, जो हर चुनौती के लिए तैयार हैं।”
इस ऑपरेशन में डॉ. सुमित (ऑर्थोपेडिक्स) , डॉ. रोहित (जनरल मेडिसिन) , डॉ. अग्रवाल (एनस्थीसियोलॉजिस्ट) , डॉ. देव (फिजियोथेरेपी) , डॉ उत्कर्ष (स्पाइन सर्जन) सहित विभिन्न विभागों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।

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